नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में पास हो गया. दोनों सदनों में पास होने के बाद अब इस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल हो गई है. यह याचिका मुस्लिम लीग की तरफ से दाखिल की गयी है और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के चार सांसदों ने अपनी याचिका में कहा कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता. ये बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, इसलिए इस विधेयक को रद्द किया जाए. बता दें कि मुस्लिम लीग की तरफ से ये केस कपिल सिब्बल लड़ेंगे.

मुस्लिम  लीग के सांसद पीके कुनहालकुट्टी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि हमने कल बुधवार को संसद से पास नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ केस फाइल कर दिया है. यह हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. यह संविधान के मूल भावना के बिल्कुल खिलाफ है और किसी को भी धर्म के आधार पर इसको नष्ट करने नहीं दिया जाएगा.

वहीं इस बिल के पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम और त्रिपुरा में जबदस्त विरोध हो रहा है.  न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित घर पर पथराव किया.  इसके अलावा असम के ही दुलियाजन में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली के घर पर हमला किया.  देर रात हालात बिगड़ने पर गुवाहाटी और जोरहाट में सेना को बुला लिया है.  साथ ही त्रिपुरा में असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है.

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