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दोस्ती के जमाने (POETRY)

Written By Suman Vashisht Bhardwaj

दोस्ती के जमाने कभी पुराने नहीं होते।
और दोस्त कभी बीते हुए अफसाने नहीं होते।
अगर सच्ची है दोस्ती तो दिल से बाहर कभी दोस्तों के ठिकाने नहीं होते।
ए दोस्त दोस्तों की पहचान कभी मुश्किल में ना कर तू।
क्योंकि सच्चे दोस्तों के दिल में कभी गिले-शिकवे पुराने नहीं होते।
साथ जो तेरी हर मुश्किल में खड़े होते हैं दोस्त वही तो सबसे बड़े होते हैं।
जो तेरे हर गम में तेरा साथ निभाते हैं,
तेरी हर खुशी में खुशी के आंसू बहाते हैं,
और गुस्से में तुझे गाली भी दे जाते हैं,
वही दोस्त तो तेरी उंगली पकड़ हर मुश्किल पड़ाव पर तुझे राह भी दिखाते हैं।
तू कहां है सही, कहां है गलत नहीं वो तुझे ये जताते हैं,
बस तेरे हर सही तेरे हर गलत में तेरे साथ खड़े हो जाते हैं।
जो तुझे तुझ से भी ज्यादा चाहते हैं,
तेरे लिए रातों को जाग जाते हैं,
घर की खिड़की खोल तेरे लिए पीछे के रास्ते से भाग आते हैं,
वही दोस्त तो उम्र भर याद आत हैं।
इसी लिए दोस्तों दोस्ती के जमाने कभी पुराने नहीं होते,
और दोस्त कभी बीते हुए अफसाने नहीं होते,
दिल से बाहर कभी दोस्तों के ठिकाने नहीं होते।

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