जल्द ही देश को पहला लोकपाल मिलने वाला है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल बनाने की सिफारिश की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन प्रख्यात कानूनविद मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने शुक्रवार को उनका नाम तय किया और उनके सिफारिश की इस बावत सोमवार के आधिकारिक घोषणा हो सकती है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे भी चनय समिति के सदस्य है, लेकिन वे चयन प्रक्रिया में शामिल नही हुए. रिरोर्ट के मुताबिक सरकार ने जस्टिस घोष की नियुक्ति से जुड़ी फाइल राष्ट्रपति के पास भेज दी है. लोकपाल भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली संस्था है. इस कमेटी में एक चेयरमैन,एक न्यायिक सदस्य और एक गैर न्यायिक सद्स्द होते है.

वहीं बतादें कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने लेकपाल चयन समिति की बौठक में शामिल होने की सरकार की पेशकश के लगातार सातवीं बार खारिज करते हुए कहा था कि विशेष आमंत्रित सदस्य के लोकपाल चयन समिति का हिस्सा होने या इसकी बैठक में शामिल होने का कोई प्रावधान नहीं है.

अन्ना आंदोलन से उठी थी लोकपाल की मांग

गौरतलब है कि लोकपाल की मांग को लेकर देश में 2012 में जोरदार राजनीतिक आंदोलन हुआ था. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे, दिल्ली के मौजूदा सीएम अरविंद केजरीवाल पुदुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी समेत कई जानी मानी-हस्तियों ने देश में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर तत्कालीन मनमोहन सरकार के खिलाफ देश भर में विशाल राजनीतिक आंदोलन चलाया था. जिस पर चयन समिति ने शुक्रवार को चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल बनाने की सिफारिश की है.