Written by Suman Vashisht Bharadwaj

तुझ को याद करके मेरा दिल बस रोता है!
तेरी बात करके खुश होता है!
मुझको मालूम है तुझको नहीं गवारा मेरा यह है सांस भी!
मैं तेरी खुशी के लिए इस एहसास को भी सीने में ही दफन कर लूंगा!
अब मैं तुझसे कुछ ना कहूंगा!
बस खुद से ही तेरी बात कर लूंगा!
अब ये मेरी ज़िद है कि तेरे एहसास के साथ ही जिऊंगा!
और तेरे एहसास के साथ ही मरूंगा!
मगर अब नहीं मैं तुझसे भी तेरी बात करूंगा!