Written by Suman Vashisht Bharadwaj

वो दो कदम क्या साथ चल दिया!
हम उम्र भर उसकी बात करते रहे!
वो दूर जाता रहा हम मिलने की फरियाद करते रहे!
वो हम से आंखें चुरा ता रहा!
हम दिल ही दिल में उसे याद करते रहे!
वो जिस मोड़ पर गया छोड़ कर!
हम बरसो खड़े उसी मोड़ पर उसका इंतजार करते रहे!
वो अपनी दुनिया सवार्ता रहा!
हम उसे अपनी दुनिया बना के खुद को बर्बाद करते रहे!
ज़िद थी वो हमारी इसलिए तो आज तक हम उससे प्यार करते रहे!
उसकी चाहत को बनाकर आरजू हम अबतक खुद से ही लड़ते रहे!
वो दो कदम क्या साथ चल दिया हम उम्र भर उसकी बात करते रहे