26/11 मुंबई हमले को आज दस साल पूरे हो गए. लेकिन आज भी वो मंजर लोगों के ज़ेहन में ताज़ा हैं जब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को 10 दहशतगर्दों ने गोलीबारी से दहला दिया था, इस हमले को 10 साल हो गए हैं, लेकिन यह भारत के इतिहास का वो काला दिन है जिसे कोई भूल नहीं सकता, इस हमले में 166 लोग मारे गए थे और 300  से ज्यादा लोग घायल हुए थे. आज भी इस हमले को याद करके हमारा दिल दहल उठता है

trump-1543205558

मुंबई हमले की 10वीं बरसी पर अमेरिका की संवेदनाएं

वहीं मुंबई हमले की 10वीं बरसी के मौके पर अमेरिका ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हमले के गुनहगारों के बारे में सूचना देने पर 35 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को कहा कि सभी अमेरिकी नागरिकों की ओर से भारत में हुए इस हमले पर हम संवेदना जताते हैं. इस बर्बर हमले में अपनी जान गंवाने वाले 6 अमेरिकी नागरिकों समेत सभी पीड़ित लोगों के प्रति हम संवेदना जताते हैं. इस हमले ने पूरी दुनिया को दहला दिया था.

26_11_2017-mummbaiattack9.jpg

क्या हुआ था 26 नवंबर 2008 को मुंबई में

अगर बात करें इस दर्दनाक घटना की 26 नवंबर 2008 की शाम मुंबई में गुलजार हो ही रही थी कि अचानक शहर के एक हिस्से में गोलियां चलने लगीं. आतंकियों ने कहर बरपाना शुरू कर दिया था, जिसकी शुरुआत लियोपोल्ड कैफे और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से हुई थी.  शुरु में तो किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि यह हमला इतना बड़ा है. लेकिन धीरे- धीरे मुंबई के और इलाकों से धमाकों और गोलीबारी की खबरें आने लगी थीं. आधी रात होते-होते मुंबई शहर की फिजाओं में बड़े पैमाने पर आतंक का जहर घुल गया था.

बता दें कि मुंबई में यह आतंक का तांडव सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से शुरु हुआ था. यहां मौजूद किसी यात्री को इस बात अंदाजा नहीं था कि स्टेशन पर आतंक का खूनी खेल होने वाला है, उस समय यह बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे, और  इस आतंकी हमले में  सबसे ज्यादा लोग भी  छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर ही मारे गए थे. वहीं छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन के अलावा आतंकियों ने ताज होटल, होटल ओबेरॉय, लियोपोल्ड कैफ़े, कामा अस्पताल और दक्षिण मुंबई के कई स्थानों पर हमले शुरू कर दिए थे. आधी रात होते-होते मुंबई के कई इलाकों में हमले हो रहे थे. एक साथ इतनी जगहों पर हमले ने सबको चौंका दिया था.

2016-11-26_mumbaiattack.gif

वहीं मुंबई पुलिस और अर्धसैनिक बल भी मैदान में डट गए थे, और आतंकियों से लोहा ले रहे थे, इस आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान शहीद हो हुए थे. जिसमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे

देश के इतिहास में मुंबई हमला सबसे भयावह आतंकी हमला था, जिसने सभी के रूह को कंपा दिया था. मुंबई पर हमला करन वाले 10 आतंकियों में से एक अजमल कसाब ही जिंदा पकड़ा जा सका था, जिसे 21 नवंबर 2011 को पुणे के यरवडा जेल में फांसी दी गई थी. हालांकि इस आतंकी हमले को अंजाम देने वाले  कसाब को  फांसी  पर  चढ़ा दिया गया. लेकिन 26/11 का यह हमला हमें कभी न भरने वाले वो जख्म दे गया, जिसे हम चाहकर भी नहीं भूल पाएंगे