मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका जा चुका है. राज्य में भारतीय जनता पार्टी की यात्रा पहले से ही निकल रही है और मंगलवार को भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के महाकुंभ का आयोजन किया गया. इस रैली में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे. और बीजेपी इस आयोजन का दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक समागम होने का दावा कर रही है.

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वहीं इस महाकुंभ के लिए राज्यभर से कार्यकर्ता लाने का जिम्मा प्रदेश इकाई को सौंपा गया है, लेकिन  बस ऑपरेटरों ने पुराना बकाया का भुगतान न होने के कारण बसें देने से इनकार कर दिया है. वहीं राज्य के परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि बस संचालकों से बातचीत हो गई है. बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधि ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बताया कि पूर्व में आयोजित भाजपा की रैलियों में राज्यभर से बसों में भरकर कार्यकर्ता लाए गए. उसका बकाया लगभग तीन करोड़ 17 लाख रुपये है, मगर उसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है. बस ऑपरेटरों ने पहले बकाया के भुगतान की मांग की है.

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पूर्व में भी भाजपा और सरकार के कार्यक्रम हुए, जिनमें बस संचालकों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. लिहाजा, बस ऑपरेटर अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि पुराना भुगतान किया जाए, उसके बाद ही वे बसों को भोपाल भेजेंगे. राज्य के परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि बस ऑपरेटरों से बातचीत हो गई है. समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. भाजपा मंगलवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक आयोजन होने का दावा कर रही है. सवाल यह उठ रहा है कि अगर बसें नहीं मिलीं तो 10 लाख कार्यकर्ता भोपाल कैसे पहुंचेंगे. साथ ही दूसरा सवाल यह भी है कि इन रैलियों के लिए सरकार जितना खर्च कर रही है, क्या उतना ही राफेल  डील में बचा रही है.