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जम्मू-कश्मीर:आतंकियों को एक और कायराना करतूत,तीन पुलिसकर्मियों की अगवा कर हत्या की

जम्मू कश्मीर के शोपियां से हैरान करने वाली खबर सामने आई है. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बनाया है. राज्य में पंचायत चुनाव करीब हैं और उससे पहले ही आतंकी घाटी का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं. शुक्रवार को भी आतंकियों ने 4 स्थानीय पुलिसकर्मियों को उनके घर से अगवा किया और उनमें से तीन की हत्या कर दी. आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी को छोड़ भी दिया.

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पंचायत चुनाव का विरोध कर रहे हैं आतंकी

ये बात जगजाहिर है कि आतंकियों का लोकतंत्र में रत्तीभर भी भरोसा नहीं है. आतंकी जम्मू कश्मीर में होने जा रहे पंचायत चुनाव का विरोध कर रहे हैं. चुनाव में पुलिस कर्मियों को ड्यूटी करने से रोकने और उन्हें हतोत्साहित करने के लिए आतंकी इस तरह के कदम उठा रहे हैं. चुनाव की घोषणा के बाद अब तक सात पंचायती घरों को फूंका गया है. एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी दी जा रही है.

चार दिन पहले ही आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने एक आॉडियो क्लिप जारी कर एसपीओ को इस्तीफा देने की धमकी दी थी. धमकी में कहा गया था कि सभी एसपीओ अपने इस्तीफे का एलान स्थानीय मस्जद से जाकर करें. बात ना मानने पर नतीजा भुगतने की चेतावनी दी गई थी. और अब ऐसी खबर भी आई है कि इस घटना के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने इस्तीफ भी दिया है

9 चरणों में होने हैं चुनाव, BJP-कांग्रेस छोड़ सभी ने किया विरोध

रविवार को ही चुनाव आयोग ने राज्य में पंचायत चुनावों की घोषणा की. चुनाव यआगोन ने बताया कि चुनाव नौ चरणों में कराए जाएंगे. पूरी चुनावी प्रक्रिया 17 नवम्बर से 17 दिसम्बर तक पूरी करनी है. वोटिंग नौ चरणों में 17 नवंबर, 20 नवंबर, 24 नवंबर, 27 नवंबर, 29 नवंबर, 1 दिसंबर, 4 दिसंबर, 8 दिसंबर और 11 दिसंबर को होगी. वोटों की गिनती आखिरी दिन यानी 11 दिसंबर को होगी. नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी चुनावों का बहिस्कार किया है. इसके समर्थन में कई अन्य दल भी आ चुके हैं. बीजेपी और कांग्रेस को छोड़ दें तो अभी तक कोई बड़ा दल चुनाव में नहीं है.

अपहरण कर हत्या की यह पहली घटना नहीं

बता दें इससे पहले भी आतंकी पुलिस वालों और सेना के जवानों को अगवा कर चुके हैं. हाल ही में पुलिस आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में ही पुलिसकर्मियों के नौ परिजनों को अगवा को अगवा कर लिया था. बाद में इन्हें छुड़वा लिया गया था.

पिछले साल मई महीने में आतंकियों ने सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का अपहरण कर हत्या कर दी थी. 22 साल के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज छुट्टी में शादी में शरीक होने अपने घर आए थे. इस साल जून महीने में सेना के जवान औरंगजेब की भी अपहरण कर हत्या कर दी थी. आतंकियों ने औरंगजेब के साथ बदसलूकी का वीडियो भी जारी किया था.

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