बुधवार से संसद का मानसून सत्र शुरु हो रहा है. इस सत्र में विपक्ष महिला आरक्षण, महंगाई, दलित उत्पीड़न और आतंकवाद जैसे बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है. पिछली बार का बजट सत्र भी काफी हंगामेदार रहा था. इस सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा महिला आरक्षण बिल को लेकर है. कांग्रेस ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की मांग की है. इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी थी.

विपक्ष से सरकार ने मांगा सहयोग

मानसून सत्र में हंगामे की आशंकाओं के बीच सरकार ने विपक्षी दलों से तीन तलाक विधेयक, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने संबंधी विधेयक, बलात्कार के दोषियों को सख्त दंड के प्रावधान वाले विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग मांगा है.

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जिन मुद्दों पर हो सकता है, हंगामा

वहीं, विपक्ष जम्मू कश्मीर की स्थिति, पीडीपी-भाजपा सरकार के गिरने एवं आतंकवाद जैसे मुद्दे उठा सकता है. किसान, दलित उत्पीड़न, राम मंदिर, डालर के मुकाबले रूपये के दर में गिरावट, पेट्रो पदार्थों की कीमतों में वृद्धि जैसे मसलों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. एक महत्वपूर्ण विषय आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने का भी हो सकता है, जिसके कारण पिछले सत्र में तेलुगु देशम पार्टी ने भारी हंगामा किया था.